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मिर्ज़ा ग़ालिब

poet

6 quotes

हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश
इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी
हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
उन के देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़
वो समझते
रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ाइल
जब आँख ही स
वो आए घर में हमारे ख़ुदा की क़ुदरत है
कभी हम उन को